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सुकून

सुकून मेरे आस पास है बस महसूस कराना है इस बात का अहसास बस मुझे अपने आपको याद दिलाना है

Wednesday, June 10, 2009

यात्रा वृतांत

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Posted by अर्चना at 12:01 PM No comments:
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अर्चना
पहले पहाड़ की थी, पहाड़न थी अब मैदानी इलाके में खबरे खोजती हूं। आप मेरी शक्ल भले न देख पाएं, मेरी आवाज़ से परिचित ज़रुर होंगे, मेरी आवाज़ ही पहचान है मेरी आवाज़ सुनो...
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