आज कल खुशी का हर अहसास मेरे साथ है उड़ना चाहने से पहले ही पंख मुझे मिल गए हैं
मेरी हर उड़ान आजकल अपनी मंजिल नही धुन्धती । रस्तों की तलाश अब ऐसा लगता है थम गई।आजकल खुशबू की हर उड़ान मेरे से अपना घर का पता नही पूछती ,कुछ नया अहसास है मेरे साथ
मुझे कुछ किसी से नही कहना
मे अपने आप ही बहुत खुश हु आजकल
हर पल धन्यवाद कहना चाहती हु उस अलोकिक शक्ति को जो मेरा साथ है
AI के भय और इसके अत्यधिक इस्तेमाल पर छोटी टीप
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आजकल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर लिखा जाने वाला लगभग हर
दूसरा लेख किसी मर्सिए की तरह लगता है. हर किसी का ऐलान है, यह तकनीक आपकी
नौकरी छ...
5 days ago

# मेरे आज कल के दिन
ReplyDelete# आज पता नही मन क्यों बाहरी हो रहा है ऐसा लग रहा है ...
# पहला ब्लॉग लिख रही हु गलतियां
करते तो हैं सभी गलतियां
ढूंढते बस मेरी गलतियां
श्याम सखा ‘श्याम’
अगर कविता या गज़ल में रुचि हो तो मेरे ब्लॉग पर आएं
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सस्नेह
श्यामसखा‘श्याम’
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श्याम